श्री कैलाशनारायण जनकल्याण धर्मार्थ सेवा संस्थान समिति में आपका स्वागत है
श्री कैलाशनारायण जनकल्याण धर्मार्थ सेवा संस्थान समिति में आपका स्वागत है
श्री कैलाशनारायण जनकल्याण धर्मार्थ सेवा संस्थान समिति केवल एक एनजीओ नहीं, बल्कि समाज के उन वंचित और उपेक्षित वर्गों के लिए एक नई सुबह की उम्मीद है जो संसाधनों के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। हमारा जन्म एक साधारण उद्देश्य के साथ हुआ था—कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और कोई भी बुजुर्ग चिकित्सा के अभाव में कष्ट न सहे।
पिछले एक दशक से अधिक समय से, हमने सनातन भारतीय मूल्यों को आधुनिक प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़कर एक ऐसा ढांचा तैयार किया है, जहाँ करुणा ही सबसे बड़ी शक्ति है। हम दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने से लेकर, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों के लिए अनौपचारिक शिक्षा केंद्र चलाने तक, हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
समाज के सबसे निचले स्तर पर खड़े परिवारों तक आधुनिक चिकित्सा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक जीवन के अवसर सुनिश्चित करना। हम स्वास्थ्य बाधाओं को दूर कर हर बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एक ऐसे 'समरस समाज' की स्थापना करना जहाँ शारीरिक या आर्थिक अक्षमता किसी की उन्नति में बाधा न बने। हमारा सपना है कि हर भारतीय आत्मनिर्भर, शिक्षित और स्वस्थ बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सके।
पारदर्शिता, निष्काम सेवा, और मानवता के प्रति अटूट प्रेम हमारे कार्य की नींव हैं। 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना के साथ हम हर जाति और धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर केवल मनुष्यता की सेवा में विश्वास रखते हैं।
संस्थान का नेतृत्व ऐसे विशेषज्ञों के हाथों में है जो न केवल अपने क्षेत्र में निपुण हैं, बल्कि समाज सेवा के प्रति गहरी संवेदनशीलता भी रखते हैं।
राहुल पटेरिया संगठन के संस्थापक एवं अध्यक्ष हैं। वे समाज सेवा, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में संस्था निरंतर जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
रामकुमार पांडा संगठन के उपाध्यक्ष के रूप में प्रशासनिक कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालते हैं। वे टीम समन्वय और कार्यक्रम संचालन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
नेहा पटेरिया संगठन की सचिव हैं और सभी आधिकारिक दस्तावेज़, बैठकों की कार्यवाही तथा प्रशासनिक समन्वय का प्रबंधन करती हैं। वे संस्था के सुचारु संचालन में अहम भूमिका निभाती हैं।
आपका एक छोटा सा सहयोग किसी मासूम की मुस्कान और किसी बेसहारा का संबल बन सकता है। आइए, मिलकर एक बेहतर कल का निर्माण करें।